जवान परेशान कोई सुध लेने वाला नहीऔऱ अधिकारी मौज में ये सूरते हाल है पटना सी आर पी एफ़ डि आई जी ऑफिस पटना का स्वास्थ्य मंत्री ध्यान दे

डीआईजी हसनैन सर बिहार सेक्टर सीआरपीएफ कैंप पटना कोरोना काल में कैंप में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन बिल्कुल नहीं किया गया जहां पूरा स्टाफ का जगह 120 से 150 तक है उसी जगह में 200 से ज्यादा के नफरी कैंप के अंदर बंद करके रखा गया कैंप के अंदर कार्मिक के फैमिली बीमार होने के बाद भी गेट से बाहर जाने के लिए मना कर दिया जाता है जो कि वह बाहर जाकर अपना इलाज करा सके जबकि कैम परिसर में ही डीआईजी महोदय बिल्ली पाल रखे हैं 5 से 7 बिल्ली उनके पास है जो कैम्प परिसर में दिन भर घूमते रहती है उसमें एक बिल्ली का पैर कट गया है यह घटना मई का है और उसको इलाज कराने के लिए प्रतिदिन जिप्सी में ड्राइवर प्रोडक्शन और उनके निजी सेवादार हर दिन सरकारी हॉस्पिटल का चक्कर लगाते रहे और इलाज कराते रहें क्योंकि उनका बिल्ली से कारोबार है एक बिल्ली को बच्चे को 4000 से 5000 के बीच में बिक्री करते हैं बाहर के लोग आकर ले जाता है लेकिन किसी एक परिवार के सदस्य का तबीयत खराब हो जाए तो उसके लिए परमिशन गेट पर नहीं मिलता है डीआईजी जी महोदय अपनी मर्जी के अनुसार ही कैंप में जिसको सरकारी आवास मिला हुआ है क्वार्टर मिला हुआ है उसको भी छुट्टी काट के आने के बाद बाहर ही कोरेन्टीन करा रहे हैं यदि उनकी उस जवान के प्रति नजर ठीक है तो कैंप में कोरेन्टीन होंगे नही तो बाहर भेजा जाएगा एक हवलदार के केस पॉजिटिव हो गया और वह जवान अपना कैंप में ही फैमिली रखा है जब कोरोटीन के लिए बाहर जाने लगा तो अपने परिवार को छोड़ने के लिए घर से गाड़ी बुलाया लेकिन उसके साथ ऐसा व्यवहार किया गया कि उसके परिवार के किसी सदस्य को अंदर आने नही दिया गया न उसकी गाड़ी को एक जवान की पत्नी अपने बच्चे समान बैग लेकर गेट तक बहुत ही मुश्किल सामना करते हुए गेट से बाहर निकली बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है सिग्नल के 2 जवान जो छुट्टी गए थे और 1 दिन बाद ही कैंप आ गए टेस्ट कराने के लिए और उनका भी रिपोर्ट पॉजिटिव आया तो उनको उनको गेट पर रात भर रखा गया बिना किसी व्यवस्था के जबकि उनके साथ वाले ही 28 लोग पॉजिटिव हुए थे जो कैंप परिसर में रह रहे है और 2 दिन तक कैम्प परिसर में ही पॉजिटिव केस वाले रहे लेकिन दो सिग्नल के ऑपरेटर को गेट पर सुला कर रखा गया
रात में जवानों को जो पॉजिटिव हुए थे उनको 47 बटालियन कोईलवर भेजा गया वहां जगह नहीं मिल पाया फिर रात में कैंप में आ गए क्या व्यवस्था है क्या जाने से पहले 47 के अधिकारी से बात करके नहीं जा सकते थे
कैम्प परिसर के अंदर ना एक सेनेटाइजर ईशु हुआ ना एक मास्क दिया गया बस अपने सेवा साधन में लगे रहे आज भी गेट को पूरी तरह से बंद करके रखा गया है डीआईजी एडम के यहां लखनऊ से चलकर यूपी 65 नंबर स्कॉर्पियो चार गेस्ट आए थे जबकि कैंप के किसी भी व्यक्ति को आने-जाने पर प्रतिबंध है

13 Replies to “जवान परेशान कोई सुध लेने वाला नहीऔऱ अधिकारी मौज में ये सूरते हाल है पटना सी आर पी एफ़ डि आई जी ऑफिस पटना का स्वास्थ्य मंत्री ध्यान दे”

  1. Crpf ke jyada tar officers ka yahi haal hai…. Ab to IPS ko crpf ka officer banana chahiye …CRPF me har jagah jawano ka narak hai… And officers bhagwan samajhte hai khud ko. Yahi hai modi ke ache din sirf officers ke liye

  2. Most of the CRPF officers who have given independent charge shows this type of attitude. Because they manupulate and use the powers deligated to them through CRPF Acts and Rules and all the benefits which are providing by the Government for jawans are swallen by them. If any jawans asks for this type of their illegal activities, silents them by the powers deligated to them through CRPF Acts &Rules by contempting false eligations.

    1. Sirf Salary mil rahi hai.. Accommodation, Mess, facility zero hai… Koyi officer nahi dekhta hai… Jawano ko sirf naukar se jyada kuch nahi samjhte

  3. listening one side is never a good trait. it has been seen many a times when a jawan is fixed for his indiscipline, he always takes this route to blame his senior officer. a strict disciplinary action is required to tackle this type of rogue people.

  4. Ye to narak jeise lograha hai, is se nikal ne kaa rasta Bhahwan dikhayenge. Most respected Mr. Modi ji is news par dhyan de.

  5. हर जवान ऐसा ही है भाइयों! किस किस का नाम लोगे! कागजों में SOP बनती हैं! सारी कार्यवाही कागजों में एकदम सही तरीके से चलती रहती है, बस वास्तव में कुछ नही होता! जवान 2 मीटर दूर रहेंगे तो बोल दिया लेकिन कैसे और कहां रहेंगे ये नही पता, ये कंपनी कमांडर की जिम्मेदारी है! अरे बहुत खराब हालात हैं भाई!

  6. Bilkul sahi baat h CRPF me jawano ki koi sudh lene wala nahi h har jagah officer apni manmani karte h or jawano ko gulamo ki tarah istemaal karte h har jagah ka yahi haal hai crpf Tc Delhi me logo ko ghar ya outliving chodne par rupey khaye jaate hain.
    Or Jawano ke naam par jo bhi accommodation milta hai use officer use karte hai. Or to aur jo corona me jawano ke liye handwash aur sanitizer mile the unhe officer apne ghar mangwa lete h aur savun harpic jhadu sab inhi ke ghar jata hai. Hudco palace delhi me sabhi officera ke ghar me ye sab saaman jawano ka jata hai. Neeche wale officers apni chamchagiri me inke ghar saaman bhejte h.
    Ek crpf ka officer handwash harpic me bik jata hai. Hudco palace me sabhi officer ke ghar me jawan hai jinke sath janwar jaisa sulukh kiya jata hai.
    Par koi isi liye nahi bolta kahin uska transfer ya crpf se nikal na de kyonki officers ki enquiry officer hi karta hai to wo officer ki side hi lete hai. Aaj ke time fauj se jyada kahin corruption nahi hai. Jawan isliye sehte hain kyonki jawan hadtaal nahi kar sakte hain.

  7. This is happening most of the places in crpf. because they recognize theirself as a God and Soldiers are like insects for them there is no system of quarantine centres no sanitation hygiene facilities for jawans. dirty toilets and bathrooms no sweeper come to clean because all they always busy for offers bungalow. Today corona cases are increasing rapidly in crpf due to their mismanagement.

  8. Kisi ek adhikari dwara kiye gaye byavahaar ko generalise kar ke CRPF ke bahadur jawano aur jaabaanj adhikariyon ko badnaam nahi karna chahiye. Jisne galti ki use kathor sajaa mile lekin puri force ko isme shamil naa Karen.

  9. Crpf है यहा ऑफिसर साही बहुत चलती है हर जगह यही हाल है 1000 मे बड़ी मुश्किल से ही एक ऑफिसर ही बड़िया मिलेगा बाकी सब अपना घर भरने बाले है। सुबिधा के नाम पर crpf zero है यहा only ड्यूटी है उसके बदले आपको salry मिलती है बाकी भूल जाओ। बिना पेंशन बाली fooj.

  10. Poora system officers ke hath me hai. Jo v sarkari paisa aata hai usko ye log gaban kar lete hai. Yadi koi jawan bola to uspar ye discipline ka case dal kar saja dete hain. CBI investigation hona chahiye sari paramilitary force me kyoki yaha bahut ghotaale ho rhe hai security k naam par. Audit v hona chahiye original tarike se… Nhi to ye auditor ki v khila pila k bhej dete hai…. Officers k pass yadi check kiya jaye to kafi black money milega

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *