सारण का लाल देश के लिये हुआ कुर्बान चीनी सैनिक ने धोखा से मारा भारतीय जवानों को

सारण का लाल देश के लिये हुआ कुर्बान
चीनी सैनिक ने धोखा से मारा भारतीय जवानों को

बिहार का एक लाल शहीद हो गया है। शहीद जवान सुनील कुमार (38) छपरा जिले के दीघरा परसा गांव के रहने वाले थे। शाम साढ़े पांच बजे पत्नी मेनका राय को विभागीय अधिकारियों ने फोन कर घटना की जानकारी दी। पति की शहादत की खबर सुन पत्नी फूट-फूटकर रोने लगी। पूरा गांव घर पर इकट्ठा हो गया। जवान की शहादत पर पूरे गांव में मातम पसरा है। शरीद जवान के पिता सुखदेव राय 12 साल पहले थल सेना से रिटायर हुए थे और अभी पश्चिम बंगाल में दूसरी सर्विस कर रहे हैं। सुनील दो भाइयों में बड़े थे। तीन साल की एक बेटी है। मां मोगली देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।लद्दाख की गालवन घाटी में सोमवार रात को भारत और चीन के सैनिकों में हिंसक झड़प हो गयी। इसमें झड़प में भारत के एक कर्नल और दो जवान शहीद हो गए। इनमें से एक शहीद कर्नल संतोष बाबू 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग आॅफिसर थे। उनके साथ झारखंड के कुंदन ओझा और हवलदार पलानी भी शहीद हुए। कर्नल संतोष पिछले 18 महीने से लद्दाख में भारतीय सीमा की सुरक्षा में तैनात थे। घटना तब हुई जब सोमवार की रात को गलवान घाटी के पास दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद सबकुछ सामान्य होने की स्थिति आगे बढ़ रह थी। बताया जा रहा है कि सिर्फ भारत की तरफ ही नहीं बल्कि चीन की तरफ भी कुछ सैनिकों को चोट पहुंची है। इस झड़प के दौरान किसी तरह की कोई गोली नहीं चली है, यानी हाथापाई ही हुई थी। झड़प में चीन की सेना को भी नुकसान पहुंचा है। चीन की तरफ 5 सैनिकों की मौत हुई है। हालांकि, चीनी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने इसकी पुष्टि करने से इनकार कर दिया है।
इसी दौरान चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में छपरा निवासी हवलदार सुनील के अलावा झारखंड के साहेबगंज निवासी जवान कुंदन कुमार ओझा और विजयवाड़ा निवासी कर्नल बी. संतोष बाबू भी शहीद हुए हैं। ये सभी बिहार रेजिमेंट के 16 बिहार बटालियन के थे। शहीद सुनील का पार्थिव शरीर विशेष विमान से बुधवार को पटना लाया जायेगा। शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद उनके पैतृक गांव डिबरा ले जाया जाएगा। जहां सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। वहीं, शहीद जवान कुंदन कुमार ओझा झारखंड के साहिबगंज जिले के प्रखंड हाजीपुर पश्चिम पंचायत डिहारी गांव के रहने वाले हैं। दोनों जवानों ने बिहार रेजिमेंट में ही प्रशिक्षण प्राप्त किया था।

मिली जानकारी के अनुसार सोमवार की रात चीनी सैनिकों से वार्ता के दौरान हिंसक झड़प हो गयी। जिसमें कर्नल संतोष, हवलदार सुनील कुमार व जेसीओ कुंदन कुमार झा शहीद हो गये हैं। शहीद कर्नल बी. संतोष तेलंगाना के सूर्यापेट जिले के मूल निवासी हैं और उनका परिवार वहीं रहता है। कर्नल संतोष प्रमोशन लेकर दिसंबर 2019 में 16 बिहार बटालियन के कमांडिंग अधिकारी पद पर तैनात हुए थे। संतोष गलवान घाटी पर अपने बटालियन के जवानों के साथ तैनात थे। दोनों जवान भी गलवान घाटी में तैनात थे।

भारतीय पक्षों के मुताबिक चीन के कई सैनिक भी हताहत हुए हैं। हालांकि देर शाम तक चीन अपने हताहत हुए जवानों के बारे में कुछ भी कहने से बचता रहा लेकिन देर शाम को आखिरकार चीन ने मान लिया कि सोमवार (15 जून) रात वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक झड़प के दौरान उसके भी सैनिक मारे गए हैं। हालांकि उसके कितने सैनिक हताहत हुए हैं, इसकी जानकारी नहीं दी। चीन सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के हवाले से चीन की सेना (पीएलए) का यह बयान जारी हुआ है।

वहीं चीन सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने चीनी सैनिकों के मारे जाने की बात स्वीकार की है। हालांकि चीनी विदेश मंत्रालय और पीएलए ने अब तक चुप्पी साध रखी है। ग्लोबल टाइम्स की चीफ रिपोर्टर ने पहले 5 सैनिकों के मारे जाने की बात स्वीकार की, लेकिन कुछ ही देर बाद कहा कि उन्होंने भारतीय मीडिया में देखने के बाद यह बात कही थी। इसके कुछ देर बाद ही, ग्लोबल टाइम्स के एडिटर इन चीफ हू शीजिन ने भी स्वीकार किया है कि झड़प में चीनी सैनिक मारे गए हैं।


चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स की चीफ रिपोर्टर वांग वेनविन के मुताबिक, भारतीय सेना ने भी चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के पांच सैनिकों को मार गिराया। दोनों सेनाओं की ओर से कोई फायरिंग नही हुई और डंडों व पत्थरों से एक-दूसरे पर हमला किया। हालांकि, कुछ ही देर बाद वांग ने कहा कि यह बात उन्होंने भारतीय मीडिया में देखने के बाद कही।

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